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Sudeshna Adhikary
Sudeshna Adhikary

21 घंटा

ISFP

कन्या

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Uchhaiyo ko

0:52

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Ramesh Pathak
Ramesh Pathak

8 घंटा

INFP

तुला

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हकीकत

बात तुम मुझसे करो और मैं तुम्हारी आंखों से, क्या इससे ज्यादा खूबसूरत कुछ हो सकता है? सासों से तुम मेरे मिलो और मैं तुम्हारी बातों से, क्या इससे ज्यादा जरूरी कुछ हो सकता है? हाथ तुम मुझपर रखो और मैं तुम्हारे बालों में, क्या इससे ज्यादा सुकून कुछ और दे सकता है? रातें तुम्हे देखकर बिताऊं और दिन... आगे पढ़ें

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Het
Het

6 दिन

INTP

कर्क

Mystry

Ek mushkil hai meri suljha de koi Kisi ko bhula kese jata hai bas itna bata de koi Awaaz de kar rok saku use Bas itna hak dilade koi

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Kashyap M
Kashyap M

7 दिन

INTJ

कन्या

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ग़ज़ल

आँख में दहशत न थी हाथ में ख़ंजर न था सामने दुश्मन था पर दिल में कोई डर न था उस से भी मिल कर हमें मरने की हसरत रही उस ने भी जाने दिया वो भी सितमगर न था इक पहाड़ी पे मैं बैठा रहा देर तक शौक़ से देखा करूँ ऐसा भी मंज़र न था हम से जो आगे गए कितने मेहरबान थे दूर तलक राह में एक भी पत्थर न था... आगे पढ़ें

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Subhankar Dey
Subhankar Dey

4 दिन

ENTJ

मेष

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शायद

ढूंढ रहा किसे तू परिंदे, न नाम पता न मंज़िल, शायद एक तरफ़ा इश्क़ हो चला हैं, ठहर ज़रा ! जिस मुस्कान के आहोश हो गया तू शामिल, शायद सब ख़ुमार हैं, अजनबी तू सुधर ज़रा! क्या तुझे प्यार हैं या कमज़ोर दिल का मरीज़, अब न कहत चल, कि तू मजबूर हैं ! ढूंढ रहा तू ताज़गी, ऐसा की भूला मंज़िल, शायद वह भा गयी तूझें,... आगे पढ़ें

शायद इस स्थिरता में मन शांत न रहा 🙃

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Subhankar Dey
Subhankar Dey

3 दिन

ENTJ

मेष

8
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आवारे मन की दास्तान

मन से मन ही अजब हैं रूठा ! किसके आहोश में होश यह खोता ? कभी मेरी सुनता था, अब बेगाना रहता ! आवारा यह मन भवरों सा भटकता ! मिलने को जैसे वह तरसता, रोज़ निगाहों ने मन को परखा ! थम जाता है वक़्त भी एक पल , देख उसे हर पल हैं निखरता ! मन भी बड़ी विड़ंबना में उलझा, नादान मुसाफ़िर कहा हैं रुकता? कह न... आगे पढ़ें

आवारा मुसाफिर 🙃

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